छत्तीसगढ़

सरहद पर नहीं सूनी रहेगी जवानों की कलाई, CG से जाएंगी लाखों राखियां

SHIDDHANT
16 Aug 2026 6:34 PM IST
सरहद पर नहीं सूनी रहेगी जवानों की कलाई, CG से जाएंगी लाखों राखियां
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21 लाख राखियों के साथ जवानों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का प्यार
Ambikapur अंबिकापुर। रक्षाबंधन के पर्व पर देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात भारतीय सेना के जवानों की कलाई सूनी न रहे, इसके लिए छत्तीसगढ़ से एक अनूठी पहल की जा रही है। ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ अभियान के तहत इस वर्ष प्रदेश से जवानों के लिए 21 लाख से अधिक रक्षा सूत्र यानी राखियां भेजी जा रही हैं। इस अभियान में प्रदेश की महिलाओं के साथ स्कूली बच्चों और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भागीदारी की है। अभियान में छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी शामिल हुईं। उन्होंने अभियान की सराहना करते हुए देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल राखियां भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से प्रदेश के लाखों लोगों की भावनाएं और शुभकामनाएं भी जवानों तक पहुंचाई जा रही हैं।
अपने हाथों से बच्चों और महिलाओं ने बनाई राखियां
कार्यक्रम के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं, स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों ने देशभक्ति की भावना के साथ अभियान में हिस्सा लिया है। बड़ी संख्या में राखियां हाथों से तैयार की गई हैं। बच्चों ने राखियों के साथ जवानों के लिए अपने संदेश भी लिखे हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात जवान अपने परिवार से दूर रहकर देश की रक्षा करते हैं। रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान भी वे अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में प्रदेश से भेजे जा रहे रक्षा सूत्र जवानों के प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना को प्रदर्शित करते हैं।
राखियों के साथ भेजी जा रही पवित्र मिट्टी
अभियान की एक खास बात यह है कि राखियों के साथ केवल शुभकामना संदेश ही नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों की पवित्र मिट्टी भी भेजी जा रही है। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि यह मिट्टी छत्तीसगढ़ की धरती और यहां के लोगों के प्रेम का प्रतीक बनकर जवानों तक पहुंचेगी। राखियों पर विद्यार्थियों और महिलाओं ने सैनिकों के लिए भावनात्मक संदेश लिखे हैं। किसी ने जवानों की लंबी उम्र की कामना की है तो किसी ने देश की रक्षा करने के लिए उनका आभार जताया है। इन संदेशों के माध्यम से सीमा पर मौजूद सैनिकों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास है कि पूरा देश और छत्तीसगढ़ उनके साथ खड़ा है।
21 लाख से अधिक रक्षा सूत्र जाएंगे सरहद पर
‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ के तहत इस वर्ष 21 लाख से ज्यादा राखियां देश की सीमाओं पर तैनात जवानों तक भेजी जा रही हैं। इतनी बड़ी संख्या में रक्षा सूत्र तैयार करने और एकत्र करने में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी देखने को मिली है। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। इस अभियान के जरिए इसी भावना को देश की सुरक्षा में तैनात जवानों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ से भेजी जा रही लाखों राखियां जब सरहद पर तैनात सैनिकों की कलाई पर सजेंगी तो उनके साथ प्रदेशवासियों का सम्मान, स्नेह और देशभक्ति का संदेश भी पहुंचेगा।
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